मंदिर
देव पूजन पुरातन वैदिक धर्म के नियमों एवं सिद्धांतों के अनुसार
अनुशासित ढंग से किया जाता है।
यहां पर पूजा परंपरागत वैदिक विधि से की जाती है जिसमें तरह-तरह की
वस्तुएं, जैसे इत्र, पुष्प व पानी का चढावा किया जाता है।
यह पूजा पुजारी द्वारा कराई जाती है व बाकी भक्तगण मंत्र व प्राचीन
भजनों का गान करते हैं जिसके पश्चात अक्सर जाप व ध्यान किया जाता
है।