लक्ष्य और उद्देश्य
1. विशाल पैमाने पर सनातन धर्म, यानि हिंदुत्व का प्रचार
और वैदिक परंपरा और संस्कृति की प्रतिष्ठापना एवं प्रसार।
2. परमपूज्य योगाचार्य श्री श्रीमद भक्तिवेदांत
रामकृष्णानंद स्वामी के 'विश्व धर्म'- विश्व शांति और प्रेम के संदेश
की प्रतिष्ठापना एवं प्रचार।
3. पंथ, जाति, राष्ट्रीयता या लिंग से पर हटकर लोगों में
शांति, सम्मान, मानव मैत्री, सौहार्द और प्रेम का संदेश प्रचारित
करना।
4. हिंदू धर्म और 'विश्व धर्म' के सार्वभौमिक संदेश के
आधार पर सभी धर्मों के बीच प्रेम और सम्मान की अभिवृद्धि करना।
5. प्रकृति, जीव-जन्तु, पर्यावरण एवं पृथ्वी गृह का
संरक्षण करना।
6. हठयोग के बारे में जनसाधारण को शिक्षित करना ताकि
अधिक स्वस्थ एवं आरोग्यजनक समाज की स्थापना की जा सके।
7. योग की कक्षाएं, वेदांत की गोष्ठियां और वैदिक
ग्रंथों के पठन-पाठन एवं वैदिक संगीत, नृत्य और कला के माध्यम से
हिंदू-धर्म के आध्यात्मिक ज्ञान एवं 'विश्व धर्म' के संदेश के बारे
में जनसाधारण को शिक्षित करना।
8. हिंदुत्व के उच्च नैतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक
मूल्यों के प्रचार से मानव जाति का उत्थान कर।
9. धार्मिक साहित्य का संपादन और प्रकाशन।