सत्संग और कीर्तन
सत्संग का अर्थ है परम सत्य की संगत में रहना । कीर्तन का अर्थ है
प्रभु के पावन नाम के स्मरण द्वारा प्रभु का यशोगान करना।
धार्मिक भजन व ध्यान के लिए एकत्रित सभी परंपराओं के साधकों की
धर्मसभा में आपका हार्दिक आमंत्रण है।
स्वामी रामकृष्णानंद या उनके प्रमुख शिष्य द्वारा शुक्रवार, शनिवार
और रविवार की रात को ८.४५ बजे धार्मिक मंत्रोच्चारण और प्रवचन दिया
जाएगा।
मुफ्त प्रवेश